Saturday, April 23, 2016

दिल्ली की खामोशी

हम दिल्ली की खामोशी पर शर्मिंदा रह जाते हैं
वे भारत मुर्दाबाद बोलकर भी जिंदा रह जाते हैं। #कश्मीर

हल्दी घाटी

हल्दी घाटी का युद्ध याद, अकबर को जब आ जाता था,
सुनते हैं अकबर अपने महलों में सोते-सोते उठ जाता था।

मुल्क से मोहब्बत

मैंने अपनी मोहब्बत के सम्मान में उर्दू बोलना सीख लिया, और इस देश की एक नेता अब तक हिंदी बोलना नहीं सीख पाईं...आज भी वह अंग्रेजी भाषण को हिंदी में पढ़ती हैं... मुल्क से मोहब्बत सच्ची होती तो उनको अंग्रेजी में लिखा हुआ भाषण पढ़ने की जरूरत नहीं होती...

सेल्युलर जेल

यदि आप सनातनी हैं और नहीं जा पाते हैं महाकुंभ में स्नान करने तो मत जाइए, शायद भगवान नाराज नहीं होंगे
यदि आप मुस्लिम हैं और नहीं जा पाते हैं हज करने तो मत जाइए, शायद खुदा नाराज नहीं होंगे
लेकिन अगर आप देशभक्त हैं तो एक बार सेल्युलर जेल (अंडमान) जरूर जाइए,
वहां जाकर आपको एहसास होगा कि हमें आजादी यूं ही नहीं मिली... (एक मित्र का अनुभव)

मतलब

तुम मतलब से बात करती थी,
मुझे बस बात करने से मतलब था.... #क्वीन

वह लम्हा

वह लम्हा जिंदगी का सर्वाधिक अनमोल होता है,
जिनमें तेरी यादें,तेरी बातें,तेरा जिक्र होता है। #क्वीन

लोकप्रिय होना हो तो...

यदि जीवन में लोकप्रिय होना हो तो सबसे ज्यादा ‘आप’ शब्द का, उसके बाद ‘हम’ शब्द का और सबसे कम ‘मैं’ शब्द का उपयोग करना चाहिए.