Saturday, April 23, 2016

प्रेम की किताब

अभी तो 'प्रेम की किताब' लिखनी ही शुरू की थी,
ना जाने परीक्षा के परिणाम कैसे आ गए। #क्वीन

प्रेम और आध्यात्म

प्रेम, प्रदर्शन का नहीं बल्कि आध्यात्म का विषय है। यह बात तब तक महसूस नहीं की जा सकती जब तक आप प्रेम को हृदय की गहराइयों से महसूस ना करें।

कोशिश

कोशिश आखिरी सांस तक करनी चाहिये..!!
'मंजिल' मिले या 'तजुर्बा', चीजें दोनों ही नायाब हैं..!! #QUEEN

कैसा प्रेम तुम्हारा था

प्यार जताकर दूर गई तुम, कैसा प्रेम तुम्हारा था
तुमको खोकर खुद को पाया, क्या एहसास तुम्हारा था
पागल कहकर क्यों ठुकराया, कैसी आस तुम्हारी थी
गले लगाकर दूर हटाया, कैसी प्यास तुम्हारी थी
तुमसे मिलकर बातें करना, कैसी चाहत मेरी थी
आँखों में भी पानी था, फिर कैसी हसरत मेरी थी #क्वीन

उसे ही फुरसत ना थी

उसे ही फुरसत ना थी किसी अफ़साने को पढ़ने की
मैं तो बिकता रहा उसके शहर में अखबारों की तरह...
#क्वीन

Thursday, March 24, 2016

वात्सल्य और वासना

जिस देश में बेटी और बहुएं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खुले-आम रंग खेलती हैं, नृत्य करती हैं, उस देश के लिए कहा जाता है यहाँ की संस्कृति में खुलापन नहीं है। लेकिन समस्या यह है कि इस देश के वामपंथियों को खुलेपन के नाम पर नग्नता चाहिए। वात्सल्य और वासना में इनको अंतर नहीं समझ आता। हे राम...

Wednesday, March 2, 2016

भारत में आजादी?

भारत में आजादी? जब छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ के 76 जवान को नक्सली मार देते हैं तो जेएनयू में कन्हैया कुमार के वैचारिक साथी जश्न मनाते हैं। आज भी एक नक्सली हमले में 3 जवान शहीद हो गए... शायद उसी का जश्न मनाने के लिए कन्हैया 'भारत में आजादी' मांग रहा है। कन्हैया, अगर तुम भारत में ऐसी आजादी चाहते हो तो वह तुम्हें नहीं मिल सकती बेहतर होगा कि तुम भारत से आजाद हो जाओ