Saturday, April 23, 2016

कैसा प्रेम तुम्हारा था

प्यार जताकर दूर गई तुम, कैसा प्रेम तुम्हारा था
तुमको खोकर खुद को पाया, क्या एहसास तुम्हारा था
पागल कहकर क्यों ठुकराया, कैसी आस तुम्हारी थी
गले लगाकर दूर हटाया, कैसी प्यास तुम्हारी थी
तुमसे मिलकर बातें करना, कैसी चाहत मेरी थी
आँखों में भी पानी था, फिर कैसी हसरत मेरी थी #क्वीन

उसे ही फुरसत ना थी

उसे ही फुरसत ना थी किसी अफ़साने को पढ़ने की
मैं तो बिकता रहा उसके शहर में अखबारों की तरह...
#क्वीन

Thursday, March 24, 2016

वात्सल्य और वासना

जिस देश में बेटी और बहुएं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खुले-आम रंग खेलती हैं, नृत्य करती हैं, उस देश के लिए कहा जाता है यहाँ की संस्कृति में खुलापन नहीं है। लेकिन समस्या यह है कि इस देश के वामपंथियों को खुलेपन के नाम पर नग्नता चाहिए। वात्सल्य और वासना में इनको अंतर नहीं समझ आता। हे राम...

Wednesday, March 2, 2016

भारत में आजादी?

भारत में आजादी? जब छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ के 76 जवान को नक्सली मार देते हैं तो जेएनयू में कन्हैया कुमार के वैचारिक साथी जश्न मनाते हैं। आज भी एक नक्सली हमले में 3 जवान शहीद हो गए... शायद उसी का जश्न मनाने के लिए कन्हैया 'भारत में आजादी' मांग रहा है। कन्हैया, अगर तुम भारत में ऐसी आजादी चाहते हो तो वह तुम्हें नहीं मिल सकती बेहतर होगा कि तुम भारत से आजाद हो जाओ

Saturday, February 27, 2016

फर्जी_राष्ट्रवाद

आपको आज क्रांति पुरोधा चन्द्र शेखर आजाद जी की पुण्यतिथि पर एक खास बात याद दिलाता हूं। एक समय उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार हुआ करती थी। उस दौर में मायावती जी सूबे की मुख्यमंत्री थीं। दलित कार्ड खेलते हुए उन्होंने चन्द्रशेखर आजाद जी के नाम वाले कॉलेज का नाम बदलने का फैसला लिया। इस लिए ताकि वे क्रांतिकारियों को भी पंडित- दलित में बांट सकें। इस बारे में एक पत्रकार ने जब सीएम महोदया से प्रश्न पूछा कि आप एक क्रांतिकारी का नाम क्यों हटा रही हैं? इस प्रश्न का जो जवाब उन्होंने दिया उसे लिखने में मुझे शर्म आ रही है, आपको पढ़कर शर्म आएगी। सीएम महोदया ने कहा: कौन चंद्रशेखर आजाद?, वो आतंकवादी.... मेरे पिता जी बताते हैं कि अगले दिन जब इस विषय को लेकर जनसत्ता में एक पेज का लेख आया और सभी को इस बारे में पता लगा तो उम्मीद थी कि आज या तो मायावती जी माफी मांगेंगी या सरकार गिर जाएगी। क्योंकि उस समय यूपी की माया सरकार बीजेपी के समर्थन से चल रही थी। लेकिन ना ही सरकार गिरी और ना ही मायावती जी ने माफी मांगी... सिर्फ दो शब्द.... उस दौर का #फर्जी_राष्ट्रवाद

Tuesday, February 23, 2016

जेएनयू चरित्र

सिर्फ 5 बद्तमीज और बदजुबान लड़के किसी विश्वविद्यालय का चरित्र हो ही नहीं सकते, उस विश्वविद्यालय का चरित्र तो उसी विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त वह पवन कुमार है जो सिर्फ 23 साल की उम्र में आतंकियों से लड़ते हुए अपनी जान कुर्बान कर देता है।

Wednesday, April 23, 2014

कहां हैं कृष्ण

जब प्रेम में वासना का स्थान रिक्त हो जाए और उस स्थान पर निश्चलता विराजित हो जाए तो समझ लेना अपने पूर्वज श्रीकृष्ण को अंगीकार कर लिया।